Bamboo House In Ramgram : कभी था पर्यटकों की पहली पसंद, अब बर्बादी की कगार पर रामग्राम का बंबू हाउस
10-Jul-2026
Total Views |
Bamboo House In Ramgram : प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाने वाला यूपी का महराजगंज जिला और इसका रामग्राम पर्यटन स्थल, इन दिनों अपने बंबू हाउस की बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। कभी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा यह बंबू हाउस अब उपेक्षा और रखरखाव की कमी के कारण अपनी चमक खोता नजर आ रहा है। गंदगी, टूटी संरचना और अव्यवस्था ने इसकी खूबसूरती पर ग्रहण लगा दिया है।
रामग्राम में बांस की लकड़ियों से बनाया गया एक बंबू हाउस पर्यटकों के बीच सदा खास आकर्षण का केंद्र रहा है। जंगलों के पास स्थित यह बंबू हाउस अपनी अनोखी डिजाइन, शांत वातावरण और प्राकृतिक हरियाली के कारण पर्यटकों को खासा लुभाता रहा है। जब इसका निर्माण हुआ था, तो स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला था और यहां पर्यटकों की संख्या भी बढ़ गई थी। सोशल मीडिया पर इस बंबू हाउस की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए और इसकी व्यापक चर्चा होने लगी लेकिन समय के साथ इसकी देखरेख नहीं होने से हालात लगातार बिगड़ते चले गए।
शुरुआती दौर में यहां की साफ-सफाई और बंबू हाउस की मजबूत संरचना लोगों को सुकून देती थी। अब स्थिति यह है कि जैसे ही बंबू हाउस में प्रवेश किया जाता है। टूटे हुए टाइल्स वाली सीढ़ियां और चारों ओर गंदगी का अंबार नजर आता है। प्रवेश द्वार पर टाइल्स पर मोटी मिट्टी की परत जमी हुई दिखती है जो इसकी ख़ूबसूरती बिगाड़ती नज़र आती है। जगह-जगह कूड़ा फैला होने से यहां आने वाले लोगों को निराशा का सामना करना पड़ता है।
लंबे समय से सफाई न होने के कारण सीढ़ियां और फर्श जर्जर होते जा रहे हैं। मिट्टी जमा रहने के कारण लोहे के बेस वाली सीढ़ियां भी खराब होने की कगार पर है। यदि यह हालात ऐसे ही बने रहे, तो धीरे-धीरे लोहे में जंग लगने से सीढ़ियां भी टूट सकती हैं। बांस से बनी दीवारें और रेलिंग भी जगह-जगह से टूटने लगी है और समय पर मरम्मत न होने पर इनके अलग हो जाने का खतरा है।
एक समय ऐसा था जब पर्यटक यहां घंटों बैठकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते थे, लेकिन अब टूटी रेलिंग, बिखरे कचरे और खराब रखरखाव के कारण लोग यहां अधिक देर रुकना भी पसंद नहीं करते। पान मसाले के खाली पाउच और अन्य कचरा परिसर की सुंदरता को और बिगाड़ रहे हैं।
रामग्राम के समीप जंगल क्षेत्र में बना एक अन्य बंबू हाउस पहले ही आंधी-तूफान के दौरान क्षतिग्रस्त होकर ढह चुका है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस बंबू हाउस की मरम्मत और संरक्षण नहीं कराया गया तो इसके साथ भी ऐसी ही घटना हो सकती है।
इसके छत में लगी बांस की बल्लियां असंतुलित होने लगी है और अपनी मूल स्थिति से हटकर दूसरी दिशा में झुक रही है, जिससे इसकी मजबूती पर असर पड़ रहा है।
खासकर चारों तरफ बनी रेलिंग काफी कमजोर हो चुकी है। फर्स्ट फ्लोर पर लगी बांस की कई बल्लियां टूट चुकी है ,जिनके बीच कचरा भर गया है। इसके अलावा कुछ लोग पान मसाला खाकर पैकेट वहीं फेंक देते हैं, जो बांस की बल्लियों के नीचे साफ दिखाई देते है और माहौल को और गंदा बना देते है। बंबू हाउस के प्रति यह उदासीनता पर्यटन के नजरिए से बिल्कुल भी ठीक नहीं मानी जा रही। पहले जैसा आकर्षण अब यहां नहीं रह गया है, क्योंकि टूटी रेलिंग, गंदगी और अव्यवस्था के चलते पर्यटक धीरे-धीरे इस जगह से दूरी बनाने लगे है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सफाई, मरम्मत और नियमित रखरखाव की व्यवस्था नहीं की गई तो रामग्राम का यह प्रमुख पर्यटन आकर्षण अपनी पहचान खो सकता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि संबंधित विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान दे और बंबू हाउस को फिर से पहले जैसा आकर्षक बनाया जाए।