Gorakhpur News : दो बेटियों संग 70 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी महिला, आखिर क्यों किया ऐसा ?
13-Jul-2026
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गोरखपुर। जमीन विवाद से परेशान एक महिला रविवार को अपनी दो बेटियों के साथ सदर तहसील परिसर के पीछे स्थित करीब 70 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद महिला और उसकी बेटियों को सुरक्षित नीचे उतारा।
गोरखपुर के सहजनवां तहसील क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में रहने वाली कृष्ण कांति सिंह रविवार को अपनी दो बेटियों वसुंधरा और आंशी को लेकर सदर तहसील के पीछे बनी पानी की टंकी पर चढ़ गई, जिसके बाद वहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी ज़मीन को दबंग कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस और तहसील प्रशासन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही कैंट पुलिस व आवासीय परिसर में मौजूद अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह महिला को समझा-बुझाकर नीचे उतारा। पीड़िता का कहना है कि, उसके ही गाँव के विष्णु प्रताप प्रेम चंद 2017 में वे जमीन फर्जी तरीके से कब्जा कर लिया। उसके पति राहुल प्रताप सिंह को भी बार-बार टार्चर किया जाता है।
महिला ने बताया कि वह पहले भी मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी है। राजस्व अभिलेखों में भी संबंधित भूमि उसके पक्ष के खातेदारों के नाम दर्ज है, जबकि दूसरे पक्ष का नाम अभिलेखों में नहीं है। इसके बावजूद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
राजस्व अभिलेखों की जांच भी स्पष्ट हो चुका है कि उक्त भूमि के खातेदार सत्येन्द्र प्रताप सिंह, राहुल सिंह व बटुकेश्वर सिंह हैं। जबकि दूसरे पक्ष का नाम अभिलेखों में दर्ज नहीं है। शिकायत के अनुसार लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कब्जा मिलने के बावजूद दबंग लगातार उनके साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
मामला जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कोस्तुभ तक पहुंचने पर प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन ने सहजनवां तहसील और थाना पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर दो दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा का भी भरोसा दिलाया गया है।
सहायक चकबंदी अधिकारी मनीष चंद सिंह ने बताया कि मामला वर्ष 2018 से उनके संज्ञान में है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार महिला का पक्ष सही प्रतीत होता है, लेकिन अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।