Maharajganj News : 13 साल, 30 बार टूटा तटबंध... आखिर हर साल कहां बह जाते हैं करोड़ों?
14-Jul-2026
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महराजगंज। महाव तटबंध की मजबूती एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पिछले 13 वर्षों में यह तटबंध करीब 30 बार टूट चुका है। हर बार मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में तटबंध फिर कमजोर पड़ जाता है। इससे किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं और आसपास के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है।
हाल ही में महाव तटबंध के एक हिस्से में कटान होने की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग ने जेसीबी लगाकर आनन-फानन में मरम्मत कराई। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है और मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है और बजट का दुरुपयोग किया जाता है।
बरगदवा थाना क्षेत्र से गुजरने वाले महाव नाले में 65 खतरनाक मोड़ हैं। इसके चलते बरगदवा, देवघट्टी, हरखपुरा, शिकारगढ़, नारायनपुर, हरपुर, अमहवा, बेलहिया, खजहिया, गणेशपुर, खैरहवा दूबे, कोहरगड्डी, असुरैना, दोगहरा, विशुनपुरा, जहरी, सागरहवा, महरीघोड़हवा, लुठहवा और गंगवालिया समेत कई गांव हर वर्ष बाढ़ और कटान की आशंका से जूझते हैं।
हरखपुर गांव के एक किसान ने बताया कि तटबंध टूटने का सबसे अधिक नुकसान किनारे के खेतों को होता है। तेज बहाव के साथ खेतों में भारी मात्रा में रेत भर जाती है, जिससे धान सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं। उनका कहना है कि समय रहते गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए तो नुकसान को काफी कम किया जा सकता है।
महाव तटबंध को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष मरम्मत कार्यों को पर्याप्त बता रहा है। सिंचाई खंड-दो के अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने कहा कि वर्तमान में महाव तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। जहां कटान हुआ था, वहां मरम्मत करा दी गई है और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।