Maharajganj News : ऑपरेशन के बाद सीएचसी से नवजात लापता और उसपर हर घंटे बदल रही मां की कहानी

    15-Jul-2026
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महराजगंज। फरेंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से प्रसव के बाद नवजात बच्ची के रहस्यमय ढंग से गायब होने का मामला लगातार उलझता जा रहा है। रहस्यमय ढंग से गायब नवजात के मामले में सस्पेंस तब बढ़ गया जब उसकी मां खुद अपना बयान बार-बार बदलने लगी। वहीं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, फरेंदा क्षेत्र के अगया गांव की रहने वाली ऊषा, अपने मायके शिकारपुर बान्हा से प्रसव के लिए सीएचसी फरेंदा पहुंची थी। 13 जुलाई को ऑपरेशन के जरिए उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात रहस्यमय परिस्थितियों में अस्पताल से गायब हो गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।

इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक डॉ. एमपी सोनकर से पूछा गया तो उन्होंने पहले मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहीं। बाद में बताया कि बच्चा गायब हो गया है। लेकिन सीएचसी प्रशासन न ही नवजात की गायब होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी और न ही पुलिस को।

मीडिया सुर्खियों में आने के बाद तीसरे दिन बुधवार को आनन-फानन में सीएचस प्रशासन की ओर से नवजात के गायब होने की तहरीर देने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी तक शिकायत न मिलने की बात कह रही है।


मामला सामने आने के बाद प्रसूता से पूछताछ की गई तो उसने पहले कहा कि उसे नहीं पता बच्ची को कौन ले गया। बाद में उसने वार्ड में भर्ती एक महिला पर बच्ची ले जाने का आरोप लगाया। कुछ देर बाद उसने फिर बयान बदलते हुए कहा कि बच्ची को ले जाने वाली महिला ने उसकी मां को कुछ रुपये दिए थे। इन विरोधाभासी बयानों ने जिम्मेदारों को मुश्किल में डाल दिया है।

इस मामले में कराई गई प्रारंभिक जांच में वार्ड में भर्ती एक महिला पर संदेह गहरा रहा है। दूसरी ओर, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि प्रसव वार्ड से नवजात कैसे गायब हो गई और घटना के बाद तत्काल पुलिस व वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना क्यों नहीं दी गई।

प्रसूता ने बताया कि उसके पति का करीब दो महीने पहले निधन हो चुका है और उसके पहले से दो छोटे बच्चे हैं। इस बीच अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी पर डालने की भी कोशिश की जा रही है। एक महिला कर्मचारी से जब पूछा गया तो उसने जवाब दिया कि वार्ड की सुरक्षा गेट पर तैनात गार्ड की जिम्मेदारी है।

फिलहाल पूरे मामले की जाँच जारी है और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।