Maharajganj News : नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए अमेरिकी की कहानी में नया ट्विस्ट ! जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे

    15-Jul-2026
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महराजगंज। नेपाल सीमा से महज 30 मीटर पहले भारतीय क्षेत्र में पकड़े गए अमेरिकी नागरिक जार्डन ब्राउन से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियां उसके भारत आने के उद्देश्य, यात्रा और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पहले अमेरिकी नेवी सील्स में कार्य कर चुका था और पिछले दो वर्षों से प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट के तहत काम करने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, जार्डन नवंबर 2025 में भारत आया था। पूछताछ के दौरान जार्डन ने बताया कि नवंबर 2025 में भारत आने के बाद वह मुंबई, गोवा, दिल्ली, वाराणसी, मैसूर, केरल , कोयंबटूर और बेंगलुरु की यात्रा कर चुका है। ईसाई मिशनरियों से जुड़ाव की बात भी सामने आई है। अब तक जहां-जहां वह रहा, वहां के गेस्टहाउसों का सीसीटीवी फुटेज भी मंगाया जा रहा है।


उसका अगला लक्ष्य नेपाल व बांग्लादेश था। इन देशों में अस्थिरता का माहौल बना सरकार के विरुद्ध आंदोलन के लिए प्लेटफार्म तैयार करने की उसकी योजना थी। जार्डन ने आनलाइन रियल एस्टेट कारोबारी बनकर विभिन्न देशों का दौरा किया। पकड़े जाने से पूर्व उसने अपने दोनों मोबाइल तोड़ दिए। पुलिस मोबाइल व उसमें लगे एयरटेल के सिम सें डाटा रिकवर करने में जुटी है।

पूछताछ में जार्डन ने 2014 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से बिजनेस स्टडीज से परास्नातक करने, अपने अविवाहित होने की जानकारी दी है। भारत में राज और चेतन नामक व्यक्ति उसके मददगार बने।

नेपाल प्रवेश करने के लिए नाज नामक व्यक्ति उसकी सहायता कर रहा था। उसी ने बेंगलुरु से नेपाल सीमा तक आने का खाका तैयार किया। जैसे ही जार्डन एसएसबी की गिरफ्त में आया, नाज नेपाल भाग गया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां तीनों मददगारों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हैं।

जांच के दौरान जार्डन ने अपने भारत आने और यात्रा मार्ग को लेकर कई अलग-अलग बयान दिए हैं। पहले उसने नवंबर 2025 में टूरिस्ट वीजा पर मुंबई आने की बात कही, फिर बाद में थाईलैंड, बाली और श्रीलंका होते हुए समुद्री मार्ग से भारत पहुंचने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि थाईलैंड में उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज खो गए थे। एजेंसियां उसके सभी दावों का सत्यापन कर रही हैं और जिन-जिन गेस्ट हाउसों में वह ठहरा था, वहां के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

उधर, सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जार्डन की ट्रैवल हिस्ट्री, शारीरिक क्षमता और लगातार बदलते बयान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फिलहाल उसके भारत आने के उद्देश्य और गतिविधियों की हर पहलू से जांच जारी है।

गौरतलब है कि पिछले डेढ़ महीने में महराजगंज जिले में दो संदिग्ध अमेरिकी नागरिक पकडे जा चुके हैं। 11 जुलाई को सोनौली सीमा पर जार्डन ब्राउन को एसएसबी ने गिरफ्तार किया था, जबकि इससे पहले फरेंदा क्षेत्र से एक अन्य अमेरिकी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया था। दोनों फ़िलहाल महराजगंज की जिला जेल के अलग अलग बैरकों में बंद हैं।