Cyber Monitoring on Ram Mandir Related Post : राम मंदिर मामले पर सोशल मीडिया पोस्ट से पहले संभल जाएं! पहले जान लें ये चेतावनी

    02-Jul-2026
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Cyber Monitoring on Ram Mandir Related Post : राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और संवेदनशील पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। यहां तक कि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत पोस्ट को पुलिस हटाने से पीछे नहीं है। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया से हटाई जा रही हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस ने इससे जुड़ा कोई बयान नहीं दिया है।

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां, आरोप-प्रत्यारोप और भ्रामक पोस्ट भी तेजी से सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गोपनीय निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में सोशल मीडिया सेल और सोशल वालंटियर सक्रिय कर दिए गए हैं, जो फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही सामग्री पर नजर रख रहे हैं। खबर है कि गोरखपुर जोन में 127 आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कराए जा चुके हैं।

बताया जा रहा है कि पुलिस विशेष रूप से ऐसी सामग्री पर नजर रख रही है, जिससे धार्मिक भावनाएं भड़कने, अफवाह फैलने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। कुछ पोस्ट ब्लॉक कराई गई हैं, जबकि कुछ मामलों में संबंधित यूजरों की पहचान भी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस किसी भी ऐसी पोस्ट पर विशेष नजर रख रही है, जिससे धार्मिक भावनाएं भड़कने, अफवाह फैलने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश के बाद सभी जिलों को सोशल मीडिया की निगरानी और आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।


एसआईटी की जांच पर सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी, भ्रामक दावे या जांच को प्रभावित करने वाली टिप्पणियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक जोन में इस प्रकरण से जुड़ी 127 आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाई जा चुकी हैं। कई पोस्ट को ब्लॉक कराया गया है, जबकि कुछ मामलों में संबंधित यूजरों की पहचान भी की जा रही है।

हालांकि, पुलिस की ओर से इस निगरानी अभियान को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, भ्रामक सूचना फैलाने या जांच को प्रभावित करने का प्रयास पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण इस समय आम जनता को इस मामले से जुड़ी किसी भी तरह की सोशल मीडिया पोस्ट न करें। किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि गलत या भ्रामक सामग्री साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।