Maharajganj News : बरसात की पहली परीक्षा में फेल हुआ जर्दी-डोमरा बांध, गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

    20-Jul-2026
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महराजगंज। मानसून की पहली ही बारिश ने पनियरा क्षेत्र के डोमरा-जर्दी तटबंध पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई स्थानों पर बड़े-बड़े रेनकट बनने से तटबंध कमजोर पड़ने लगा है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्य न केवल अधूरे हैं, बल्कि उनकी रफ्तार भी बेहद धीमी है।

पनियरा क्षेत्र के डोमरा जर्दी बांध पर पहली ही बरसात में बड़े-बड़े रेनकट बन गये हैं। लोगों का कहना है कि डोमरा जर्दी बांध पर अभी तक बाढ़ बचाव की तैयारी नाकाफी है। औरहिया के ‌कोमर में रोहिन नदी बंधे से सटकर बह रही है। वहां बनाया जा बोल्डर पीचिंग का काम अभी भी अधूरा है।

लोगों का कहना है कि बोरी में भरे बालू के ठोकर, नदी के रेत से पटे कमजोर बांध में रेनकट व रैटहोल को भरा गया है, लेकिन पहली ही बरसात में इसकी मिट्टी जगह जगह से बह गई है। बांध की की सबसे खराब औरहियां, डोमरा, सुचितपुर बघौना, बड़हरा लाला में है। यहां नदी बंधे से सटकर बह रही नदी पर ठोकर भी बेमतलब साबित हो रहे हैं।


22.70 किलोमीटर लंबे इस जर्दी-डोमरा तटबंध का इतिहास भी लोगों की चिंता को बढ़ाता है। वर्ष 1998, 2002, 2007 और 2017 में रोहिन नदी ने भारी तबाही मचाई थी। वर्ष 2007 में हरखपुरा गांव के पास नाव पलटने से 26 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2017 में कई स्थानों पर कटान से दर्जनों गांव प्रभावित हुए थे।

औरहियां के कोमर टोला निवासी रामचंदर का कहना है कि बोल्डर पीचिंग का कार्य अगहन माह से ही शुरू करना चाहिए था। इतनी देरी से काम शुरू हुआ और काम इतनी धीमी गति से हो रहा है। इसी टोले के एक निवासी का कहना है कि वैसे तो डोमरा जर्दी बांध की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये गए हैं। लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी के भाट से पटे तटबंध से गावों को खतरा बन गया है।

डोमरा गांव के निवासी ठगई ने बताया कि शनिवार की सुबह की बरसात में बंधें की मिट्टी बह गई, जिससे काफी बड़ा होल हो गया और रास्ता बंद हो गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा नहीं किया गया तो बरसात के दौरान बड़ी आपदा आ सकती है।

हालांकि, सिंचाई खंड द्वितीय के एसडीओ रजत गुप्ता ने बताया कि रेनकट और रैटकट को भरने का कार्य लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औरहिया के कोमर टोला पर बोल्डर पिचिंग का कार्य सुरक्षित स्तर तक पूरा हो चुका है तथा बारिश रुकने के बाद शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।