Maharajganj News : DM के आदेश के बाद भी नहीं दर्ज हुई FIR! अमृत सरोवर हादसे में आखिर किसे बचाया जा रहा है?
06-Jul-2026
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महराजगंज। नौतनवा विकासखंड की ग्राम पंचायत शेष फरेंदा में अमृत सरोवर के मुख्य प्रवेश द्वार गिरने से मासूम विकास यादव की मौत के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई अधूरी नजर आ रही है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के स्पष्ट निर्देश के बावजूद घटना के 3 दिन बाद भी संबंधित अधिकारियों की ओर से सोनौली थाने में अब तक तहरीर नहीं भेजी गयी है।
20 जून को हुए इस हादसे में अमृत सरोवर का मुख्य गेट अचानक गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से विकास यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराई थी।
जांच रिपोर्ट में तत्कालीन ग्राम प्रशासक (ग्राम प्रधान), ग्राम पंचायत सचिव और कंसल्टिंग इंजीनियर को लापरवाही का दोषी पाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर, 3 जुलाई को जिलाधिकारी ने ग्राम प्रशासक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने, कंसल्टिंग इंजीनियर को पदमुक्त करने और रोजगार सेवक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए थे। सचिव के निलंबन और कंसल्टिंग इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है, लेकिन एफआईआर के लिए आवश्यक तहरीर अभी तक पुलिस को नहीं भेजी गई है।
सोमवार (6 जुलाई) तक सोनौली थाने में एडीओ पंचायत की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। सोनौली थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार मिश्रा ने पुष्टि की कि उन्हें अमृत सरोवर हादसे से संबंधित कोई तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद एफआईआर में हो रही देरी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार को अब भी न्याय मिलने का इंतजार है।