Maharajganj News : हर साल वही कहानी! पहली बारिश में ही महाव तटबंध टूटा, किसानों की फसल फिर हुई बर्बाद

    09-Jul-2026
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महराजगंज। नौतनवा विकास खंड के सीमावर्ती क्षेत्र में गुरुवार दोपहर महाव पहाड़ी नाले का पूर्वी तटबंध बरगदवा गांव के सामने अचानक करीब 15 फीट टूट गया। तटबंध टूटते ही तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई। घटना के बाद किसानों में भारी नाराजगी है और क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

बुधवार की शाम से ही पहाड़ी नाले के जलस्तर में भारी वृद्धि देख ग्रामीण व किसान सहमे हुए थे। गुरुवार सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद नाले का दबाव बढ़ गया। दोपहर होते-होते तटबंध टूट गया। इस कटान से महाव नाले की बाढ़ व सिल्ट से छोटाई गुप्ता, कमलेश यादव, रवींद्र यादव, राममिलन यादव, सुदामा यादव, समसुल हुदा, रामचंद्र यादव, पृथ्वी यादव व चीनक सहित दर्जनों किसानों की हाल ही में रोपी गई धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब चुकी है।


बीते वर्ष अगस्त माह में भी देवघट्टी गांव के हरखपुरा टोला के सामने महाव का पूर्वी तटबंध टूट गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि महाव नाले का किनारा पिछले 15 वर्षों में अलग-अलग स्थानों पर 50 से अधिक बार टूट चुका है। हर साल बाढ़ से बचाव और किनारा की मरम्मत के नाम पर सिंचाई विभाग करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा देता है, लेकिन मानसून की पहली बारिश ही इन दावों की पोल खोल देती है।

किसानों का यह भी आरोप है कि तटबंध टूटने के करीब डेढ़ घंटे बाद तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों में सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने क्षति का आकलन कर मुआवजा देने और तटबंध की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।