महराजगंज। चार साल पुराने एनडीपीएस मामले में पुलिस की विवेचना से जुड़ी एक अहम चूक 71 वर्षीय आरोपी के लिए निर्णायक साबित हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डिफेंस काउंसिल की पैरवी के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या-2 ने गांजा बरामदगी के मामले में आरोपी मुर्तजा को दोषमुक्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सिंदुरिया थाना पुलिस ने एक अगस्त 2021 को धनेवा निवासी मुर्तजा को 3.400 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार कर अभियोग दर्ज किया था। पुलिस ने मुकदमे की चार्जशीट में दर्ज कर रखा था कि 3.300 किलो गांजा मालखाने में सील कर रखा गया और 100 ग्राम पैकेट विशेष वाहक आरक्षी आशीष के हाथों विधि विज्ञान प्रयोगशाला वाराणसी के रामपुर भेजा।
चार्जशीट में दर्ज इस कथन के प्रमाणस्वरूप पुलिस कोर्ट में जांच रिपोर्ट की कापी संलग्न करना भूल गई। जिसे गवाहों के बयान के वक्त डिफेंस काउंसिल ने पकड़ लिया और इसी आधार पर 71 वर्षीय वृद्ध को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
2021 से विचाराधीन इस मामले में अब अदालत के फैसले से 71 वर्षीय मुर्तजा को राहत मिली है। यह मामला एक बार फिर बताता है कि एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में बरामदगी, सीलिंग, सैंपल भेजने और उससे जुड़े दस्तावेजों की कानूनी प्रक्रिया में छोटी-सी चूक भी अभियोजन के मामले को प्रभावित कर सकती है।
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