महराजगंज। सीएचसी परतावल में शुक्रवार को इलाज के लिए पहुंचे 56 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किए जाने के बाद उन्होंने 108 एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसी दौरान मरीज ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। हालांकि, एंबुलेंस विभाग के अधिकारी के अनुसार एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज से दोपहर 1:37 बजे सीएचसी पहुंची थी, तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी।
कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बरवा खास निवासी धर्मेंद्र पुत्र दीपक (56) को सांस फूलने की गंभीर शिकायत पर परिजन दोपहर करीब 12:30 बजे सीएचसी परतावल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज की हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए उन्होंने तत्काल 108 नंबर पर फोन किया, लेकिन एक घंटे बाद तक भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। इंतजार में समय बीतता गया और अपराह्न करीब 1:30 बजे सीएचसी परिसर में ही मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया और वे रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए।
मामले की जानकारी मिलने पर एंबुलेंस के जिला को-आर्डिनेटर अभिषेक सिंह ने परतावल क्षेत्र के एंबुलेंस प्रभारी रामानुज से कॉन्फ्रेंस कॉल पर जानकारी ली। रामानुज ने बताया कि शुक्रवार को परतावल सीएचसी से दो एंबुलेंस मरीज लेकर मेडिकल कॉलेज गई थीं। मरीज के परिजनों के फोन पर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज से दोपहर 1.37 बजे पहुंच गई थी। उस समय बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी।
घटना में परिजनों के आरोप और एंबुलेंस विभाग की ओर से दी गई जानकारी के बीच समय को लेकर अंतर सामने आया है। ऐसे में एंबुलेंस की वास्तविक लोकेशन, कॉल का समय और रिस्पांस टाइम जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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