महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के सोहट गांव में 12 वर्ष की लीज पर संचालित ईंट-भट्ठे को लेकर विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित मुरलीधर का आरोप है कि वर्ष 2013 में एक पंजीकृत किरायेदारी समझौते के तहत ईंट-भट्ठा संचालित किया जा रहा था। समझौते की अवधि समाप्त होने के बावजूद, आरोपियो ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूमि किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दी।
शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो 24 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से ईंट-भट्ठे की संरचना को ध्वस्त कर दिया। इस घटना में करीब 20 लाख रुपये की आर्थिक क्षति होने का दावा किया गया है।
आरोप है कि विरोध करने पर उसके और उसके भाई के साथ गाली गलौज मारपीट जान से मारने की धमकी देने और दस्तावेज छीन लेने की घटना को अंजाम दिया गया। बाद में नुकसान की भरपाई का आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया।
मुरलीधर का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और लीगल नोटिस के माध्यम से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। न्यायालय द्वारा प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेने के बाद मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया गया।
न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में कोठीभार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 303 (2), 115 (2), 352, 351 (3) और 324 (4) के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की।
इस संबंध में थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रजाउल अंसारी (Rajaul Ansari) 'आपन महराजगंज' में संवाददाता (सिसवा, विधानसभा 317) के रूप में कार्यरत हैं। यह सिसवा क्षेत्र की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़ी रिपोर्टिंग कवर करते हैं।