महराजगंज। UPI के जरिए होने वाले कुछ व्यापारिक लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, महराजगंज ने प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सरकार से इसे लागू नहीं करने की मांग की है।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न करों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
व्यापारियों ने जताई चिंता जिला प्रभारी अजय राज कसौधन ने कहा कि UPI ने शहरों के साथ-साथ गांवों और कस्बों में भी डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है। व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान को आम लोगों तक पहुंचाने और इसे बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव व्यापारियों के हित में नहीं है। व्यापार मंडल का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल और सुविधाजनक बनाए रखने की जरूरत है, ताकि छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।
जरूरत पड़ी तो आंदोलन की चेतावनी व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि यदि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखे बिना शुल्क व्यवस्था लागू की जाती है तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगा। जरूरत पड़ने पर व्यापारियों की समस्याओं को लेकर आंदोलन भी किया जा सकता है।
व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए सुविधाजनक बनाए रखा जाए और ऐसी किसी भी व्यवस्था से बचा जाए, जिससे छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़े।
इस दौरान सदरे आलम, संजय पांडेय, मृत्युंजय धामिया, हरिद्वार गुप्त, डॉ. सूरज सिंह, राहुल जायसवाल, मनोज मद्धेशिया, कपिल वर्मा, सुरेश गुप्ता, मोहम्मद सैफुल्लाह खान, विनोद कुमार यादव और सुरेंद्र गुप्ता सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे
रजाउल अंसारी (Rajaul Ansari) 'आपन महराजगंज' में संवाददाता (सिसवा, विधानसभा 317) के रूप में कार्यरत हैं। यह सिसवा क्षेत्र की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़ी रिपोर्टिंग कवर करते हैं।