महराजगंज। महाराजगंज जिले से एक बहा दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 14 साल की लड़की को बाघ ने मार डाला। लड़की का शव टुकड़ों में जंगल से बरामद हुआ। कहीं पर हाथ पड़ा था। कहीं पर पेट का मांस तो कहीं पर शरीर का अन्य भाग पड़ा मिला।
घटना जिला मुख्यालय से करीब 150 किलोमीटर दूर महाराजगंज–कुशीनगर के सीमावर्ती सोहगीबरवा वन क्षेत्र के सोहगीबरवा गांव की है। गुड्डी बड़ी बहन अंगीरा के साथ खेत में गन्ने काटने गई थी। बड़ी बहन अंगीरा गन्ना काटने लगी तो गुड्डी ने कहा कि मैं अलाव के लिए लकड़ी काटने जा रही है।
अंगीरा ने थोड़ा इधर-उधर देखा उसे लगा कि हो सकता गुड्डी घर चली गई हो तो वह घर चली आई। अंगीरा ने घर जाकर देखा तो वहां भी गुड्डी नहीं मिली। तो उसने घर में बताया कि गुड्डी गायब हो गई। घरवालों ने गुड्डी को तलाशना शुरू किया। लेकिन, गुड्डी कहीं नहीं मिली।
परिवार वालों ने बताया- इसके बाद हम लोग लाठी-डंडे लेकर टॉर्च की रोशनी में रात 2 बजे तक उसे खोजते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह फिर से खोजबीन शुरू की तो जंगल में खून के धब्बे और चप्पल पड़ी मिली। आगे बढ़े तो किशोरी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। करीब 17 घंटे बाद शव मिला।
गुड्डी के चाचा कन्हैया का कहना है कि यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है। इस इलाके में बाघ बहुत अधिक मात्रा में इधर-उधर घूमते रहते हैं। गुड्डी को बाघ ही खींचकर ले गया और खा गया। पहले भी कई बच्चे बाघ के हमले में जान गंवा चुके हैं।
पिता उमेश चौधरी ने बताया- हमारी 5 बेटियां और एक बेटा है। 2 बेटियों की शादी हो चुकी है। 3 बेटियां अविवाहित हैं। गुड्डी अपने भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर थी। वह गांव के ही सरकारी स्कूल में 6वीं कक्षा में पढ़ाई करती थी।
मां ऊषा रो-रोकर बेसुध हो गईं। कहा- मेरी बिटिया गुड्डी को बाघ ने बहुत बुरी तरह से मारा है। वह बहुत तड़पी होगी। अब मैं जीकर क्या करूंगी। कोई मुझे भी मार दें।
इस घटना को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन को त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में रेंजर का कहना है- टीम ट्रैकिंग कर रही है। यहां बाघ होने की संभावना है। बाघ या तेंदुए का हमला हो सकता है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ग्रामीणों से अपील है कि जंगल की ओर न जाएं।