
महराजगंज : उत्तर प्रदेश के दो जिले महराजगंज और कुशीनगर में शुक्रवार को तेंदुए के हमले से हड़कंप मच गया। इस हमले में चार लोग घायल हो गए। महराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बकैनिया हरैया निवासी रमजान अली और श्रीधर यादव महेशपुर महेदिया वन चौकी के किनारे भैंस चरा रहे थे। तभी जंगल से निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में ग्राम सिसवा गोपाल के सरेह स्थित एक गन्ने के खेत में एक तेंदुआ क्लच वॉयर में फंस गया। वन विभाग की टीम ने जाल डालकर उसे फंसा लिया। वन विभाग का सहयोग करने महराजगंज के निचलौल से रेंजर सुनील राव टीम के साथ पहुंचे। टीम उसे लेकर निकलने ही वाली थी कि तेंदुआ जाल से निकल गया और वन विभाग के साथ काम करने वाले एनजीओ के रेस्क्यू एक्सपर्ट अर्शद हुसैन और सिसवा गोपाल निवासी अंगद पासवान को जख्मी कर दिया।
दो लोगों को घायल कर जाल से निकल भागा तेंदुआखड्डा क्षेत्र से सटे महराजगंज जिले का गेडहरुवा जंगल पड़ता है। इसी जंगल में रहने वाले हिंसक जानवर विचरण के दौरान इन गांवों में पहुंच जाते हैं। गुरुवार रात बृजलाल के दरवाजे से तेंदुआ दो भेड़ों को उठा ले गया था, भेड़ों का शव गांव के समीप तुर्कहा मौनी नाले के पास मिला। शुक्रवार की सुबह ग्राम सिसवा गोपाल के कुछ लोग मुख्य गंडक नहर के उस पार सरेह में गये थे। राजेश लाल श्रीवास्तव के गन्ने के खेत में तेंदुआ देख इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सरेह में तेंदुआ फ़ंसा होने की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गये। एसडीओ जितेन्द्र सिंह, वन क्षेत्राधिकारी अमृता सिंह वन टीम के साथ मौके पर पहुंच गयी। महराजगंज से निचलौल वन रेंजर सुनील राव, टीम व जाल के साथ मौके पर पहुंच गये। जाल फेंककर मोटरसाइकिल के क्लच वायर तार में फंसे तेंदुआ को पकड़ लिया।
वन विभाग की टीम अभी तेंदुआ को ले जाने की तैयारी में थी तभी तेंदुआ जाल से निकलकर निचलौल रेंज में वन विभाग के साथ काम करने वाले एनजीओ रेस्क्यू एक्सपर्ट अर्शद हुसैन व अंगद पासवान को घायल कर गन्ने के खेत में लापता हो गया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के डीएफओ वरुण सिंह वनकर्मियों के साथ शाम तक सरेह में काम्बिंग की मगर तेंदुए पता नहीं चल सका। तेंदुए के भाग जाने के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है।
एक जगह से फटा था वन विभाग का जाल
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग जो जाल लेकर आया था, उसमें तेंदुआ फंस तो गया लेकिन बाद में देखा गया कि एक जगह से जाल फटी थी। इसी से उसे निकल भागने में मदद मिली। जाल फटी नहीं होती तो तेंदुआ नहीं भाग पाता।
वहीं, इस मामले में डीएफओ वरुण सिंह का कहना है कि ग्रामीणों को सावधान किया गया है कि वह अकेले सरेह में न जाएं। आस पास के इलाकें के ग्रामीण तेंदुए के पकड़े जाने तक सजग व सचते रहें। महराजगंज के साथ मिलकर कुशीनगर की टीमें तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रही हैं।