
महराजगंज। परसामलिक थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले अधिवक्ता की नाबालिग बेटी के आत्महत्या कर लिए जाने के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हालांकि अधिवक्ता संगठन आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिक बेटी का फोटो व वीडियो वायरल करने की धमकी दी जा रही थी। साथ ही गांव में उसकी बेटी की इज्जत पर कीचड़ उछाला जा रहा था। इसकी वजह से वह इस कदर आहत हुई कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अधिवक्ता पिछले 10 दिनों से न्याय की उम्मीद में परसामलिक थाने का चक्कर काट रहे थे।
मामला अधिवक्ता संगठन तक पहुंचा। बार एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की शिकायत सीओ अंकुर कुमार गौतम से की। संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता संगठन ने बीते सोमवार से न्यायिक से विरत रहने के साथ ही उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
इसके बाद मंगलवार की देर शाम पुलिस ने आरोपी अमन एवं अमन की माता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि अभी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विभूति प्रसाद यादव एवं सचिव शमसुद्दीन खान ने कहा कि पुलिस पीड़ित अधिवक्ता को जब न्याय नहीं दिला पा रही है तो आम लोग क्या उम्मीद रख सकते हैं? कहा कि पत्राचार एवं न्यायालय का बहिष्कार करने के बावजूद पुलिस सिर्फ मुकदमा दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाह रही है।
घटना से संबंधित आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ अंकुर गौतम ने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई होगी।