
Gorakhpur News : गोरखपुर में एक हैरान कर देने वाले मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने खुद को आईपीएस बताकर व्यापारी से 2 लाख रुपये की डिमांड की। रुपये न देने पर एनकाउंटर करने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जब उसके दस्तावेज खंगाले गए तो पता चला कि वह भी फर्जी हैं।
पीपीगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 17 निवासी संदीप सिंह ने थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई कि खुद को आईपीएस बताने वाले एक व्यक्ति ने उससे 2 लाख रुपये की डिमांड की है। रुपये न देने की एवज में एनकाउंटर करने की धमकी। तहरीर मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सोमवार 19 तारीख को जेल भेज दिया गया है। आरोपी पहले से ही किसी मामले को लेकर विश्वविद्यालय से निलंबित है, उसके खिलाफ जांच चल रही है।
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि पीपीगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर निवासी शनि शर्मा गोरखपुर विश्वविद्यालय में क्लर्क पद पर तैनात है। फिलहाल वह किसी मामले में निलंबित चल रहा है। पिता की मौत के बाद उसे नौकरी मिली थी। वह सोशल मीडिया पर आईपीएस की वर्दी पहनकर फोटो डालता है और भौकाल जमाकर कई लोगों से रुपये वसूल चुका है।
शनिवार को आरोपी, संदीप कुमार सिंह की दुकान पर पहुंचा और उसने दो लाख रुपये की डिमांड करते हुए फर्जी मामले में फंसाकर एनकाउंटर करने की धमकी दी। शक होने पर संदीप ने पुलिस थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मृतक आश्रित कोटे के तहत जो दस्तावेज पेश किए थे, वह भी फर्जी हैं। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि सनी शर्मा नाम का युवक पहले भी कई लोगों के साथ फ्रॉड कर चुका है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई और उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह गोरखपुर विश्वविद्यालय में क्लर्क पद पर तैनात था। फिलहाल निलंबित चल रहा है। 2025 में भी एक मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। जब उसने खुद को गायब कर भाई के द्वारा थाने में तहरीर दिलवाई थी।
हालांकि जांच में पाया गया कि यह सब कुछ उसने उधार के पैसे ना वापस करने पड़े इसलिए नाटक किया था। आरोपी ने दो शादियां भी की है, एक को तलाक देकर दूसरी के साथ रह रहा है। पहली पत्नी से दो बच्चे भी हैं। आरोपी के पास से पुलिस की वर्दी भी बरामद कर ली गई है।
ताजा मामले में जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी ने मूल दस्तावेज जिन्हें नौकरी के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय में जमा कराया था, वो भी फर्जी हैं। जिस स्कूल से उसने शिक्षा प्राप्त की है, वहां रिकॉर्ड में उसका कोई नाम नहीं। अब इस नए मामले में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।