Maharajganj News : सील के बाद फिर खुलता ‘मौत का अस्पताल’? प्रसूता की मौत ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल

    21-Feb-2026
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महराजगंज।
जिले में झोलाछाप डॉक्टर्स और निजी अस्पतालों के इलाज से लोग अपनी जिंदगी गंवा रहे है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य विभाग ओटी सील कर जिम्मेदारियों पूरी कर ले रहा है। विभाग सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। ओटी सील होने के कुछ दिन बाद ही अस्पताल को दूसरे नाम से संचालित किया जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान प्रसूता की मौत के मामले में ज्योतिमा हॉस्पिटल की कहानी भी ऐसी ही है।

नगर पंचायत के ज्योतिमा हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान पूजा (25) की गुरुवार को मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया तो हॉस्पिटल के कर्मी और संचालक मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने हॉस्पिटल की ओटी को सील कर दिया। शुक्रवार को मृतका के पिता व्यास कन्नौजिया की शिकायत पर पुलिस ने ज्योतिमा हॉस्पिटल के डाॅक्टर के खिलाफ लापरवाही से इलाज करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

पुलिस को दी शिकायती पत्र में व्यास कन्नौजिया ने बताया कि पूजा को प्रसव के लिए बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनियरा पर लेकर आया था। यहां से उसे जिला अस्पताल के लिए डॉक्टर ने रेफर कर दिया। मगर किसी के बहकावे में आकर पूजा को एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।


अस्पताल में जांच के बाद उससे 40 हजार रुपये ले लिया गए। ऑपरेशन के उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसके बाद अस्पताल के कर्मचारी ही महिला को लेकर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में गए। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि न्यू ज्योतिमा हॉस्पिटल के डाॅक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।

जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित : अस्पताल की जांच के लिए सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में नोडल अधिकारी, गायनी सर्जन और जनरल सर्जन को शामिल किया गया है। जांच के बाद टीम सीएमओ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।