महराजगंज। शहर में मऊपाकड़ चौराहे पर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर कारोबारियों की अहम् बैठक हुई। इस दौरान बजट की विभिन्न घोषणाओं पर कारोबारियों ने अपनी राय रखी। कारोबारियों ने बजट को लेकर सकारात्मक व नकारात्मक दोनोंं पक्षों को लेकर प्रतिक्रिया दी। बजट के कई पहलुओं का स्वागत करते हुए कारोबारियों ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर चिंता जाहिर की।
बैठक में केंद्रीय बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणाओं पर भी चर्चा हुई। रामसंवारे ने कहा कि सरकार ने एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड बनाने का ऐलान किया गया है। इससे भविष्य के चैंपियन उद्यम तैयार होंगे।
देश में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे, साथ ही टेक्सटाइल सेक्टर के लिए तीन स्कीम लाई जाएंगी नेशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर और एडवांस्ड फाइबर स्कीम। नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा।
श्रवण वर्मा ने कहा कि एमएसएमई से सरकारी खरीद बढ़ाई जाएगी। प्राइवेट डेवलपर्स के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनेगा, जिसमें सरकार पार्शियल गारंटी देगी। रियल एस्टेट में रिसाइक्लिंग योजना शुरू होगी। सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड को माइक्रो इंटरप्राइजेज के लिए मदद मिलेगी।
लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए ट्रांजेक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम, क्रेडिट गारंटी और जीईएम को ट्रेड से लिंक करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। प्रोफेशनल सपोर्ट के तहत शॉर्ट टर्म मॉड्यूलर कोर्स डिजाइन किए जाएंगे, जो टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचेंगे।
गल्ला कारोबारी रामसेवक साहू ने शिक्षा क्षेत्र में प्रगति की सराहना की लेकिन जोर दिया कि 2018 के बाद शिक्षा विभाग में कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त युवा घर बैठे हैं इसलिए शिक्षक भर्ती पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
अनिल कुमार गुप्ता ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर स्कूल में हॉस्टल की मांग की। किराना कारोबारी दयानन्द पटेल ने चिंता जताई कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी कई युवा बेरोजगार हो रहे हैं। इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। लालजी गुप्ता ने कैंसर दवाओं में छूट और जोड़ को सराहनीय बताया।
राम अधारे मद्धेशिया ने बजट को समावेशी बताते हुए कहा कि सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखा है।
आरजू ने बजट के मिले-जुले प्रभाव की बात कही। आशीष रौनियार, मोहन जायसवाल और बेचन गुप्ता ने सोने-चांदी की बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई और इसे नियंत्रित करने की मांग की। सुरेन्द्र गुप्ता, भ जमन पटेल, बाबूलाल रौनियार और दिनेश प्रसाद ने बजट को सकारात्मक बताया।
मोहम्मद सालिम ने बताया कि वाराणसी और पटना में इंटरनल वाटरवेज विकसित होंगे। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए देश में एम्स स्तर के 5 नए आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे। क्वालिटी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट को प्रोत्साहन मिलेगा और आयुर्वेदिक दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। अमजद खान ने बजट को विकासोन्मुखी बताया लेकिन स्थानीय मुद्दों जैसे शिक्षा भर्ती, महंगाई नियंत्रण और बेरोजगारी पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।